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Yeah, uh
ਕਹਿੰਦੀ, yeah
ख़ाली बोतल है, बोतल में Gin है और जिन की बोतल है
आँखें हैं लाल, बहके हैं क़दम, जिन-जिन की बोतल है
होंठों पे है लाली, मुँह पे गाली, जब खुलती बोतल है
ढक्कन खोलो तो इससे रूह निकले, ये हिलती बोतल है
कोई कहता है, दिल को छूती है और ग़म छुपाती है
कोई कहता है, ये माशूक़ा को दिल से भुलाती है
कोई कहता है, इसके पीने से आदत लग जाती है
मैं तो पियूँगा क्योंकि ये मेरे budget में आती है, हाय
झूम बराबर झूम, शराबी, झूम बराबर झूम
झूम बराबर झूम, शराबी, झूम बराबर झूम
काली घटा है, मस्त फ़िज़ा है
काली घटा है, मस्त फ़िज़ा है
जाम उठा कर घूम-घूम-घूम
झूम बराबर झूम, शराबी, झूम बराबर झूम
झूम बराबर झूम, शराबी, झूम बराबर झूम
आज अंगूर की बेटी से मोहब्बत कर ले
शैख़ साहब की नसीहत से बग़ावत कर ले
इसकी बेटी ने उठा रखी है सर पर दुनिया
ये तो अच्छा हुआ, अंगूर के बेटा ना हुआ
कम-से-कम सूरत-ए-साक़ी का नज़ारा कर ले
आके मय-ख़ाने में जीने का सहारा कर ले
आँख मिलते ही जवानी का मज़ा आएगा
तुझको अंगूर के पानी का मज़ा आएगा
हर नज़र अपनी ब-सद-शौक़ गुलाबी कर दे
इतनी पी ले कि ज़माने को शराबी कर दे
जाम जब सामने आए तो मुकरना कैसा?
(जाम जब सामने आए तो मुकरना कैसा?)
बात जब पीने पे आ जाए तो डरना कैसा?
(बात जब पीने पे आ जाए तो डरना कैसा?)
धूम मची है (आ-आ) मय-ख़ाने में (ओ-हो)
धूम मची है मय-ख़ाने में
तू भी मचा ले धूम-धूम-धूम
झूम बराबर झूम, शराबी, झूम बराबर झूम
झूम बराबर झूम, शराबी, झूम बराबर झूम
रात को मय-ख़ाने में बैठा था, माशूक़ा मिल गई
हुई जब शिकवे-शिकवा, फिर साली इक बोतल खुल गई
उसकी आँखों से जब टपका लहू, मेरी रूह तक हिल गई
परोसे जब मैंने दो जाम, उसकी तबीअत खिल गई
मुझको बोली कि मेरा आशिक़ है तू, क्यूँ सताता है?
आशिक़ है या क़ातिल है मेरा, जब ख़ंजर चलाता है?
कभी मेरे घर पे डेरा था, मय-ख़ाने जाता है
मय-ख़ाने जाके किस सौतन के बिस्तर में सो जाता है? हाय
झूम बराबर झूम, शराबी, झूम बराबर झूम
झूम बराबर झूम, शराबी, झूम बराबर झूम
झूम बराबर झूम, शराबी, झूम बराबर झूम
Uh, ਕਹਿੰਦੀ, "Yo Yo Honey Singh"