तू चाहे बारिश, बादल बना दूँ मैं
या चाहे रातें, सूरज को छुपा दूँ
तू चाहे तारे, चाँद भी ले आऊँ मैं
हर एक ख़्वाहिश चुटकियों में दिला दूँ
तू चाहे
तू चाहे
तू चाहे सर्दी तो बरफ़ बना दूँ मैं
अगर ठंड लगे तो तेरी चादर मैं बन जाऊँ
तू चाहे ख़ुशबू तो फूल बरसाऊँ मैं
अगर चाहे उड़ना, तेरे पंख मैं बनूँ
क्यूँ इस तरह देखे मुझे तेरी आँखें
कानों में बस गूँजती हैं तेरी बातें
तरसता मैं रात और दिन तेरी बाँहें
मैं तेरा हूँ, तू मेरा
तेरे सब सपने अब अपने बना लूँ मैं
गिरे अगर तू, सहारा मैं बन जाऊँ
तू चाहे
तू चाहे
तू चाहे
कर एक गुज़ारिश बस, दुनिया हिला दूँ मैं
तू चाहे दिल ये, तेरे क़दमों में बिछा दूँ