रात का शबनवी सुरूर
मखमली मरमरी सा नूर
एक कशिश मे बहता फितूर
आओ हुज़ूर छोड़ दो ये गुरूर ये ए
आओ हुज़ूर यूं ना रहो दूर ये ए
आओ हुज़ूर छोड़ दो ये गुरूर ये ए
आओ हुज़ूर यूं ना रहो दूर ये ए
जन्नतों की सैर करा दूँ
आओ हुज़ूर आओ हुज़ूर
आ आ ए ए
हल्की छलकी ख़्वाहिश लाज़मी है
सरफिरी कशिश आखिरी है (ये ए)
हल्की छलकी ख़्वाहिश लाज़मी है
सरफिरी कशिश आखिरी है आखिरी है (ये ए)
आलम नशीला हो गया है
आवारा नजरे थमी है ये ए
गुस्ताख़ दिल का इसमे क्या क़ुसूर
आओ हुज़ूर छोड़ दो ये गुरूर ये ए
आओ हुज़ूर यूं ना रहो दूर ये ए
आओ हुज़ूर छोड़ दो ये गुरूर ये ए
आओ हुज़ूर यूं ना रहो दूर
जन्नतों की सैर करा दूँ
आओ हुज़ूर आओ हुज़ूर
रात का शबनवी सुरूर
मखमली मरमरी सा नूर
एक कशिश मे बहता फितूर ये ए
आओ हुज़ूर छोड़ दो ये गुरूर ये ए
आओ हुज़ूर यूं ना रहो दूर ये ए
आओ हुज़ूर छोड़ दो ये गुरूर ये ए
आओ हुज़ूर यूं ना रहो दूर
जन्नतों की सैर करा दूँ
आओ हुज़ूर आओ हुज़ूर