
ऐरी सखी मोरे पिया घर आए
ऐरी सखी मोरे पिया घर आए
भाग जगे इस आँगन के
भाग जगे इस आँगन के
अपने पिया के मैं बल बल जाऊ
अपने पिया के मैं बल बल जाऊ
चरण लगा निर्धन को
चरण लगा निर्धन को
ऐरी सखी मोरे पिया घर आए
जिसका पी संग बीते सावन
उस बिरहन की रैन सुहागन
जिस सावन मे पिया घर ना आए
जिस सावन मे पिया घर ना आए
आग लगे उस सावन को
आग लगे उस सावन को
ऐरी सखी मोरे पिया घर आए
ऐरी सखी मोरे पिया घर आए