हम्म Showkidd
तेरी बलाएँ लेकर हुम्म
इश्क में जागूँ तेरे रोज़ाना
अफ़साने में तेरे ही बारे
लिखता आया हूँ
लफ्ज़ों से पन्नों पे
दूँ तुझको सजा
खाली खाली सा लगे
तू ना मुझमें शामिल हो
भटका सा राही हूँ मैं
मंजर दिखा
तेरी बलाएँ लेकर खुद को सजाएँ देके
इश्क में जागूँ तेरे रोज़ाना
पास तू आती नहीं, रूह बुलाती रही\
आजा वे आजा माही आ जा ना
तेरी बलाएँ लेकर खुद को सजाएँ देके
इश्क में जागूँ तेरे रोज़ाना
पास तू आती नहीं, रूह बुलाती रही
आजा वे आजा माही आ जा ना
हम्म
यार मेरे बे-हिसाब तेरे
मैं तो इश्क में जलता ही जाऊँ
आ तू मेरे लग जा ना गले
तुझे बाहों में अपनी सुलाऊँ
ख़लती जो तेरी कमी ज़ेहन से जाती नहीं
फरमा रहम तू थोड़ा ओ जाना आ आ
पास तू आती नहीं, रूह बुलाती रही
आजा वे आजा माही आजा ना आ आ
तू दास्तान है मेरी मेरा सफर
आजा वे आजा माही आजा ना आ आ
बातों ही बातों में तेरे खयालों से
लगता है थोड़ा सा डर
फरमा रहम तू थोड़ा ओ जाना आ
क्या आशिक़ों का यही होना हश्र
आजा वे आजा माही आजा ना आ आ
रहना भी चाहूँ और रह भी ना पाऊँ
हाँ बोलो ये कैसा असर
फरमा रहम तू थोड़ा ओ जाना आ आ
तेरी बलाएँ लेकर खुद को सजाएँ देके
इश्क में जागूँ तेरे रोज़ाना
पास तू आती नहीं, रूह बुलाती रही
आजा वे आजा माही आ जा ना