कोई दरवाज़े तलाक़ आए
ये किस्सा क्या हैं
कोई दरवाज़े तलाक़ आए
ये किस्सा क्या हैं
और दबे पाओं पलट जाए
ये किस्सा क्या हैं
कोई दरवाज़े तलाक़ आए
ये किस्सा क्या हैं
और दबे पाओं पलट जाए
ये किस्सा क्या हैं
कोई दरवाज़े तलाक़ आए
ये किस्सा क्या हैं
आदमी कॉआन से हालत से
दो चार हुआ
आदमी कॉआन से हालत से
दो चार हुआ
आदमी कॉआन से हालत से
दो चार हुआ
अपने साए से भी घभराए
ये किस्सा क्या हैं
अपने साए से भी घभराए
ये किस्सा क्या हैं
और दबे पाओं पलट जाए
ये किस्सा क्या हैं
कोई दरवाज़े तलाक़ आए
ये किस्सा क्या हैं
तुमसे दूरी तो बहार हाल
क़यामत थी मगर
तुमसे दूरी तो बहार हाल
क़यामत थी मगर
तुमसे दूरी तो बहार हाल
क़यामत थी मगर
तुमसे मिलकर भी ना चैन आए
ये किस्सा क्या हैं
तुमसे मिलकर भी ना चैन आए
ये किस्सा क्या हैं
और दबे पाओं पलट जाए
ये किस्सा क्या हैं
कोई दरवाज़े तलाक़ आए
ये किस्सा क्या हैं
आए ज़फ़र रोज मोहब्बत का
कोई कटाल करें
आए ज़फ़र रोज मोहब्बत का
कोई कटाल करें
आए ज़फ़र रोज मोहब्बत का
कोई कटाल करें
और गुनेहगार ना कहलाए
ये किस्सा क्या हैं
और गुनेहगार ना कहलाए
ये किस्सा क्या हैं
और दबे पाओं पलट जाए
ये किस्सा क्या हैं
कोई दरवाज़े तलाक़ आए
ये किस्सा क्या हैं
कोई दरवाज़े तलाक़ आए
ये किस्सा क्या हैं