मैं ज़मीं और तू बादलों की तरह
चाहूँ मैं बस तुझे पागलों की तरह
शाम की दीवार पे धूप से लिखा तुझे
तू पढ़े अगर इसे, चैन आए मुझे
तू साथ है तो मैं तेरी आँखों में डूब जाऊँ
ज़रा ठहर जा
तू साथ है तो मैं और तेरे क़रीब आऊँ
ज़रा ठहर जा
ठहर जा, हाँ
Whoa-oh-oh, ठहर जा, हाँ
ठहर जा, हाँ
Whoa-oh-oh, ठहर जा, हाँ-हाँ
दिल में तेरी याद ऐसे, काग़ज़ पे हो नज़्म जैसे
लूँ तेरे बिन साँस कैसे? तू बता ज़रा
कोई ना आँखों में आया, तू रूह में यूँ समाया
तो क्यूँ लगे तू पराया? तू बता ज़रा
तू साथ है तो मैं तेरी आँखों में डूब जाऊँ
ज़रा ठहर जा
तू साथ है तो मैं और तेरे क़रीब आऊँ
ज़रा ठहर जा
ठहर जा, हाँ
Whoa-oh-oh, ठहर जा, हाँ
ठहर जा, हाँ
Whoa-oh-oh, ठहर जा, हाँ
ठहर जा
Whoa-oh-oh