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पाँव छू लेने दो फूलों को इनायत होगी इनायत होगी
वरना हमको नहीं इनको भी शिकायत होगी
शिकायत होगी
आप जो फूल बिछाएं उन्हें हम ठुकराएं
आप जो फूल बिछाएं उन्हें हम ठुकराएं
हमको डर है
हमको डर है के ये तौहीन-ए-मुहब्बत होगी मुहब्बत होगी
दिल की बेचैन उमंगों पे करम फ़रमाओ
दिल की बेचैन उमंगों पे करम फ़रमाओ
इतना रुक रुक
इतना रुक रुक के चलोगे तो क़यामत होगी क़यामत होगी
पाँव छू लेने दो फूलों को इनायत होगी इनायत होगी
शर्म रोके है इधर शौक उधर खींचे है
शर्म रोके है इधर शौक उधर खींचे है
क्या खबर थी
क्या खबर थी तभी इस दिल की ये हालत होगी
ये हालत होगी
शर्म गैरों से हुआ करती है अपनों से नहीं
शर्म गैरों से हुआ करती है अपनों से नहीं
शर्म हम से
शर्म हम से भी करोगे तो मुसीबत होगी मुसीबत होगी
पाँव छू लेने दो फूलों को इनायत होगी इनायत होगी
हमको डर है के ये तौहीन-ए-मुहब्बत होगी मुहब्बत होगी