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दिल काँटों में उलझाया है
कि इक दुश्मन पे प्यार आया है
दिल काँटों में उलझाया है
कि इक दुश्मन पे प्यार आया है
शोला शबनम में लहराया है
कि इक दुश्मन पे प्यार आया है
दिल काँटों में...
जादू सा चलने लगा है, मौसम बदलने लगा है
जादू सा चलने लगा है, मौसम बदलने लगा है
लगता है मेरे सीने से दिल बाहर निकलने लगा है
शीशा पत्थर से टकराया है
कि इक दुश्मन पे प्यार आया है
दिल काँटों में उलझाया है
कि इक दुश्मन पे प्यार आया है
दिल काँटों में...
ना पास आने दिया है, ना दूर होने दिया है
ना पास आने दिया है, ना दूर होने दिया है
ना होंठों को हँसने दिया है, ना आँखों को रोने दिया है
बड़ा ज़ालिम ने तड़पाया है
कि इक दुश्मन पे प्यार आया है
दिल काँटों में उलझाया है
कि इक दुश्मन पे प्यार आया है
दिल काँटों में...
ऐसा सितमगर कैसे, सैयाँ, बना रे ना जाने
जब तक हो सका ये हमसे, हम रूठे रहें, नहीं माने
यही गुस्सा ये रंग लाया है
कि इक दुश्मन पे प्यार आया है
दिल काँटों में उलझाया है
कि इक दुश्मन पे प्यार आया है
शोला शबनम में लहराया है
कि इक दुश्मन पे प्यार आया है
दिल काँटों में...