न दरस किसी का मांगू मैं
मोरे राम से सुंदर कोई नहीं
जग भूलूं, हो नतमस्तक मैं
मोरा जगत राम और कोई नहीं
मोरा जगत राम और कोई नहीं
मैं सेवक तू दाता
अपना जन्मो का नाता
बस राम राम सुबह शाम शाम
बस राम राम सुबह शाम शाम
मुझे एक ही काम है आता
मैं सेवक तू दाता
मेरे राम
मेरे राम
जहां राम कहें उस डगर चलूं
जहां राम बसें उस नगर चलूं
मोरा हाथ थामना मोरे प्रभु
डगमग पथ पर मैं अगर चलूं
डगमग पथ पर मैं अगर चलूं
डगमग पथ पर मैं अगर चलूं
मैं सेवक तू दाता
अपना जन्मो का नाता
बस राम राम सुबह शाम शाम
बस राम राम सुबह शाम शाम
मुझे एक ही काम है आता
मैं सेवक तू दाता
मेरे राम
मेरे राम
कोई और न चाहे तरस करे
मोरी लाज रखेंगे राम मोरे
मोहे जगत भंवर से बचाएंगे
थामेंगे डोर को राम मोरे
थामेंगे डोर को राम मोरे
थामेंगे डोर को राम मोरे
मैं सेवक तू दाता
अपना जन्मो का नाता
बस राम राम सुबह शाम शाम
बस राम राम सुबह शाम शाम
मुझे एक ही काम है आता
मैं सेवक तू दाता
मेरे राम
मेरे राम
मेरे राम