
मुझसे करीब तू मेरे
नदियों सी बहती मुझमें
सपनों में नैन तेरे
तेरे लिए मैं हूँ
उड़े आज़ाद पंछी उड़ चले
तू है मेरा खयाल आज़ाद
प्रेमिका
प्रेमिका
प्रेमिका
प्रेमिका
ये पनघट पे यूँही
ताकूँ जो दूर छुपके तुझे
तो भवरे ये छेड़ते हैं मुझको सभी
ये नैनों से तेरे
मुझको सवाल हैं कई
कैसे बसाते ये सारा जहां
खुदमे ही
है नाम संग
हर साँस में
है हर जन यह जाने तू है मेरी
प्रेमिका
प्रेमिका
प्रेमिका
प्रेमिका
प्रेमिका तुम हो मेरी