Choose a track to play
सुना है तेरे चाहने वाले बथेरे हैं
तू खुद ही बतादे कितने आशिक़ तेरे हैं
सुना है तेरे चाहने वाले बथेरे हैं
उसमे से कुछ दो चार यार तो मेरे हैं
ओह बिगड़ी हुई शहज़ादी
ढूंढे यहाँ शहज़ादे
करते फिरें बर्बादी यह नैना सीधे साधे
तेरी गली हमें ना फली
जा तू परे चल दाफफा हो
कहीं पे रातें और कहीं पे सवेरे हैं
गैरों के संग क्या रिश्ते तेरे गहरे हैं
सुना है तेरे चाहने वाले बथेरे हैं
और उसमे से कुछ दो चार यार तो मेरे हैं
तेरे होंठ तो मीठे बड़े
पर ज़हर है इनमें तोड़ा
इक वक़्त पे इतनी जगह ऐसा इश्क़ ना हमसे होगा
लगती है तू तो फरेबी सबको तबाह तू करेगी
मैं बच गया है अलविदा
जा तू परे चल दफा हो
नज़रों में तेरी एक नही काई चेहरे हैं
क्यूँ आशिक़ तेरे दो पल को ही ठहरे हैं
सुना है तेरे चाहने वाले बथेरे हैं
और उसमे से कुछ दो चार यार तो मेरे हैं