दे खो
ना दे खो मुझे
Do you see me?
दे खो
ना दे खो मुझे
मैं हूं कि नहीं?
इन दिनों
चाहे जहाँ भी मैं जाता हूँ
आधा अधूरा रह जाता हु
उजाले सा क्यूं लगता ये अंधेरा
यारों के संग बैठा हु अकेला
कुछ दिनों से
चाहे जहाँ भी मैं जाता हूँ
आधा अधूरा रह जाता हु
खो जाता हु जाने कहां
मैं जानू ना
ऐसी कुछ बातें कह जाता हु
अपनी शक्ल ही भूल जाता हु