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देख तेरी अफगानी चाल
बस मैं रहे ना मेरे हाल
होश होकर भी होश नहीं
तेरी नज़र ने किया कमाल
नैन मेरे तेज़ कतार
करना बैठे तेरा शिकार
मेरे नैनों से ओ सरकार
खुदको बचा लो जी
चिट्टा सूट निकालो जी
हुस्न अपने न संभालो जी
तुम कोई आम से छोरी हो
ऐसा वेहम ना पालो जी
चिट्टा सूट निकालो जी
हुस्न अपने न संभालो जी
तुम कोई आम से छोरी हो
ऐसा वेहम ना पालो जी
देखते हैं लड़के नज़रे ना हटती
जैसा ना हो देखी मेरे जैसी लड़की
कुछ तो है तुझमें बात अलग सी
जो मेरी निगाहें तुझपे अटकती
अब ना सोचूं में दिन रात
दिलवाले की सुन लो बात
ऐसे ना टालो जी
चिट्टा सूट ही गालु गी
हुस्न अपना न संभालु गी
दिलो पर सबकी गई अब तो
केहर बिजली सा डालूंगी
चिट्टा सूट ही गालु गी
हुस्न अपना न संभालु गी
दिलो पर सबकी गई अब तो
केहर बिजली सा डालूंगी
उड़ा दे होश इशारे जब करती
थी सुन्दर तेरा रूप कुदरति
किस किस की नजरों से बचेगी
सारी दुनिया तुझपे है मरती
दिल पे होता ना कुछ काम
तमने याद करे हर शाम
इसने समझा लो जी
चिट्टा सूट निकालो जी
हुस्न अपने न संभालो जी
थम कोई आम से छोरी हो
ऐसा वेहम ना पालो जी
चिट्टा सूट निकालो जी
हुस्न अपना न संभालु गी
दिलो पर सबकी गई अब तो
केहर बिजली सा डालूंगी
चिट्टा सूट निकालो जी
हुस्न अपने न संभालो जी