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सो जाओ ना रातों में क्यूँ हो जगते तुम ऐसे ख्वाब लिए
उनको खबर भी नहीं है तुम जगते हो जिनका नाम लिए
तस्वीरें भी बातें करती हैं कभी बात करके तो देखो
रोने का मन है मुझको तुम कभी हाथ पकड़ के तो पूछो
कि क्या मैं ठीक हूँ बिन तेरे मैं कहूँगा हाँ मेरी जान
पर तुम ना मानना सब पता तो है तुम्हें
हाँ तुम्हें
बोलो ना वो बातें क्या याद हैं हम जो करते थे हाँ
बोलो ना वो राहें क्या याद हैं तू मिलती जहाँ
जहाँ में कोई नहीं मेरा तेरे सिवा तू ही दुआ मेरा
रूठो ना खुद से और खुद मना लो ना यारा तू फिर एक दफा
आएंगे वो तो नहीं अगर उनको खबर भी कि तू है यहाँ
तकदीरों में है जो वो होता है तुम लाख लड़ के तो देखो
मांगने से वफाएँ नहीं मिलती हैं तुम चाहे लाख दुआएँ भी कर लो