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आए चाँद मेरे दिल के आँखो के तारे
तू क्यूँ है मद्धम मद्धम मद्धम
मद्धम मद्धम मद्धम
निंदिया के बदले आँखो में आँसू
तुझ को सताए कैसा घाम
आए चाँद मेरे दिल के आँखो के तारे
तू क्यूँ है..
सुना तेरा मुक़द्दर है
सुना तेरा मुक़द्दर है
जा आसमान पे तेरा घर है
तन्हाई तेरी हुंसफर है
बस आखरी ये तेरा सफ़र है
घाम से भारी मिट्टी से दूर
आहों भारी हवाओं से दूर
नफ़रत भरे सागर से दूर
जो दिल को जला दे उस अग्नि से दूर
उस अग्नि से दूर, उस अग्नि से दूर
कहने को दूर है पर लगता है हरपाल
तू है यही हमदम, हमदम, हमदम
हमदम, हमदम, हमदम
यादो मे तेरी जी लेंगे बस हम
खुशियो में होगा तेरा घाम
ज़ुल्मों सितम का है जहाँ
ज़ुल्मों सितम का है जहाँ
है क़ैद में उस की मेरी जान
क्यूँ बेख़बर है तू आए खुदा
तुझ को मुबारक तेरा आसमान
बेबस हू मैं कमजोर नही
कोई नही तन्हा सही, तन्हा सही
हिम्मत हो तो मुश्किल नही
है हौसला अगर तो मज़िल दूर नही
मज़िल दूर नही, मज़िल दूर नही
उम्मीद के सहारे कोई क्यूँ हारे
चलते चलें थम थम
थम थम, थम थम
थम थम, थम थम हरदम
खुद पे यकीन है तो क्या कमी है
दो दिन का है महेमान ये घाम.