तेरे जैसे यार से भला
सौ दुश्मन दे देता खुदा
आ जा उठा पर नोच ले
जिथे सहारे सी कदे उधेया
तेरे जैसे यार से भला
सौ दुश्मन दे देता खुदा
आ जा उठा पर नोच ले
जिथे सहारे सी कदे उधेया
ईर्ष्या में विलीन
ना ईमान ना दीन
मित्रा धर्म नष्ट
तेरे दिए कष्ट
सजाने योग्य
ताकि याद रहे
जहाँ मिले धोखे
रखूँ फासले
साल लगे विचार मिले
आ जा गले आज यार लगे
काल चढ़े जाल बिछे
जानवर है जानकर हैरान था मैं
मार डाले सारे विश्वास मेरे
क्यूँ
विष का वास है आपने
हम खोजन चले थे निर्भरता
लिखा नाम हर दाने पे
तेरी भूख मिटाना मेरा कर्तव्य
मेरी गाथा में तू मेरा भ्राता
भ्रष्ट बुद्धि कर सर चढ़ गया
पुण्य मेरे यम लिख रहे
दिख रहे पाप तेरे नीति चढ़क्या
माँ ने माना तुझे बेटा
रिश्ते में तू भाई लगा
कसाई तू पर झटका नहीं
हलाल पाई पाई करा
पड़ा नहीं फर्क तेरी हरकत से
बरकत पे
देता नहीं fuk
निर्भरता किस्मत पे
छोड़ जाने दे
रखूँ ना कोई वानदे
दिल चीरूँ क्यूँ
रब ना इनके वास्ते
जब कभी काम लगे
मुझको तलाशते
कलयुगी कक्षा के
अव्वल ये बालक हैं
तेरे जैसे यार से भला
सौ दुश्मन दे देता खुदा
आ जा उठा पर नोच ले
जिथे सहारे सी कदे उधेया
तेरे जैसे यार से भला
सौ दुश्मन दे देता खुदा
आ जा उठा पर नोच ले
जिथे सहारे सी कदे उधेया
क्या होता हर यार धर जैसा
ये दिखते क्या होते वैसा
यारी बाद पहले चाहिए पैसा
ये नैकी जैसे मैं nike जैसा
पर शक नहीं करता था मैं
हर बात विश्वास पे रखता था बे
पीछे से किए ये वार
ये बने भल्लाल
हर घाट से इनके होता
ईमान मेरा बलवान
पर ये वो बलवंत
१९२० वाले
सब जाने पर साले
फिर भी गु खारे
ये वो नौकर चार
मालिक वाले
ज्ञान लेते जिनसे
वो ज्ञान का ना गा जाने
हर वक्त मन मेरा विचलित
गैरों की बातें अब भेजे पे hit
हर साल मिसाल जो देते थे हमको
आज बोले कहाँ गई तुम्हारी friendship
अहिंसा सत्यमक्रोधस्त्यागः शान्तिरपैशुनम्
दया भूतेष्वलोलुप्त्वं मार्दवं ह्रीरचापलम्
अब बातें कैसे लिखूँ इतनी सारी
मेरे भाव स्पष्ट मैं हूँ करुणा धारी
जीवन की शैली में पहला पाठ
कलियुग का जो है बेटा जाली यारी
तेरे जैसे यार से भला
सौ दुश्मन दे देता खुदा
आ जा उठा पर नोच ले
जिथे सहारे सी कदे उधेया
तेरे जैसे यार से भला
सौ दुश्मन दे देता खुदा
आ जा उठा पर नोच ले
जिथे सहारे सी कदे उधेया