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Sencillo / Pista
इश्क़ वालों से ना पूछो
के उनकी रात का आलम
तन्हाँ कैसे गुज़रता है
जुदा हो हमसफ़र जिसका
वो उसको याद करता है
न हो जिसका कोई वो
मिलने की फ़रियाद करता है
सलाम-ए-इश्क़ मेरी जाँ ज़रा क़ुबूल कर लो
सलाम-ए-इश्क़ मेरी जाँ ज़रा क़ुबूल कर लो
तुम हमसे प्यार करने की ज़रा सी भूल कर लो
मेरा दिल बेचैन है
मेरा दिल बेचैन है हमसफ़र के लिये
मेरा दिल बेचैन है हमसफ़र के लिये
सलाम-ए-इश्क़ मेरी जाँ ज़रा क़ुबूल कर लो
तुम हमसे प्यार करने की ज़रा सी भूल कर लो
मेरा दिल बेचैन है हमसफ़र के लिये
मेरा दिल बेचैन है हमसफ़र के लिये
सलाम-ए-इश्क़ मेरी जाँ ज़रा क़ुबूल कर लो
मैं सुनाऊँ तुम्हें बात इक रात की
चांद भी अपनी पूरी जवानी पे था
दिल में तूफ़ान था एक अरमान था
दिल का तूफ़ान अपनी रवानी पे था
एक बादल उधर से चला झूम के
एक बादल उधर से चला झूम के
देखते-देखते चांद पर छा गया
चांद भी खो गया उसकी आगोश में
उफ़ ये क्या हो गया जोश ही जोश में
मेरा दिल धड़का
मेरा दिल तड़पा किसी की नज़र के लिये
मेरा दिल तड़पा किसी की नज़र के लिये
सलामे-इश्क़ मेरी जाँ ज़रा क़ुबूल कर लो