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पूछे जो कोई मेरी निशानी रंग ही ना लिखना
गोरे बदन पे ऊँगली से मेरा नाम अदा लिखना
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
आओ ना आओ ना झेह्लम में बेह लेंगे
वादी के मौसम भी एक दिन तो बदलेंगे
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
रातें बुझाने तुम आ गए हो
जब तुम हस्ते हो दिन हो जाता है
तुम गले लगो तो दिन सो जाता है
डोली उठाये आएगा दिन तो पास बीठा लेना
कल जो मिले तो माथे पे मेरे सूरज उगा देना
ज़रा ज़रा आस पास धुप रहेगी
ज़रा ज़रा आस पास रंग रहेंगे
ज़रा ज़रा आस पास धुप रहेगी
ज़रा ज़रा आस पास रंग रहेंगे