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जिसने चोट ना खाई हो...
जिसने चोट ना खाई हो वो चेहरा क्या पहचानेगा
दिल का दर्द तो यारों कोई दिल वाला ही जानेगा
एक दर्द सभी को होता है
एक मर्ज़ सभी को होता है
दिल ना रो, ऐ दिल ना रो
एक दर्द सभी को होता है
एक मर्ज़ सभी को होता है
दिल ना रो, ऐ दिल ना रो
तेरे साथ ये आसमाँ रोता है
एक दर्द सभी को होता है
दिल ना रो, ऐ दिल ना रो
कौन कहता है, "सबको ग़म नहीं है"?
हाँ, ये कहो कि सबकी आँखें नम नहीं हैं
भरी महफ़िल में दिल हँसता है, तनहाई में रोता है
भरी महफ़िल में दिल हँसता है, तनहाई में रोता है
किसी को याद करना भी बड़ा दुश्वार होता है
कौन कहता है, "सबको ग़म नहीं है"?
हाँ, ये कहो कि सबकी आँखें नम नहीं हैं
तनहाई में चुपके से रो लेते हैं
ग़म का ज़हर पी-पी के जी लेते हैं
दिल ना रो, ओ, दिल ना रो
यही हश्र सभी का होता है
एक दर्द सभी को होता है
दिल ना रो, ऐ दिल ना रो
दुश्वारियाँ सभी की ज़िंदगी में हैं
दुश्वारियाँ सभी की ज़िंदगी में हैं
मजबूरियाँ सभी की ज़िंदगी में हैं
तड़पाता रहे जो सारी उमर
वो एक वाक़या सभी की ज़िंदगी में है
दिल ना रो, ऐ दिल ना रो
यही कहर सभी पे होता है
एक दर्द सभी को होता है
दिल ना रो, ओ, दिल ना रो
जी के घबरा गया, कोई घबरा के जी गया
और कोई हँसते-हँसते ज़ख्मों को सी गया
मुसीबत की घड़ी में कौन किसका साथ देता है
मुसीबत की घड़ी में कौन किसका साथ देता है
अँधेरे में तो साया भी जुदा इंसाँ से रहता है
जी के घबरा गया, कोई घबरा के जी गया
और कोई हँसते-हँसते ज़ख्मों को सी गया
किसी ने ज़हर समझ के आँसू बहा दिए
और कोई मय समझ के अश्कों को पी गया
दिल ना रो, ओ, दिल ना रो
यहाँ ज़िक्र उसी का होता है
एक दर्द सभी को होता है
दिल ना रो, ऐ दिल ना रो
तेरे साथ ये आसमाँ रोता है
एक दर्द सभी को होता है
दिल ना रो, ओ, दिल ना रो
ऐ दिल ना रो, दिल ना रो
दिल ना रो, दिल ना रो