Sencillo / Pista
मरगासा मरगासा मरगासा
मेरे साथ आज चलके
सूरज से उलझ ले
मरगासा मरगासा मरगासा
दिन जैसा हो कट जायेगा
कल था एक कल फिर आएगा
तैयारी है अपनी तो सारी
सब राहों के राही
अपनी तो गाड़ी आगे जायेगी
वो थम जाएंगे जब हम आयेंगे
गाने सुन जो सके सुन जो सके
धुन वो गुनगुनायेंगे
धड़कन ये गाड़ी
कभी कभी कभी शाणी
और गर कभी हलकी चली
तो रुक के धक्के दो लगा
सड़कों पे सारी ढूँढे सवारी
और कभी कभी खाली चली
तो ले चल उसका भी मज़ा
मंज़िल तक रुकना ना
सबका था ये ही कहना
भीड़ कम अगर तेरी मंज़िल
आसमान है सड़कों से यारी
चल नापे हर जहा
थोड़ी धक धक लब दब बढ़ने दे
अब तक करी क्या मन की
धड़कन अब सुनले दिल की
गोवा या बोले दिल्ली
फ़िकर विकर नहीं संग है तेरी यारी
आ आने दे पंगे हो जाने दे
धड़कन घिस के चले
दम से चले
पैर तो बस ये भागेंगे
धड़कन ये गाड़ी
कभी कभी कभी शाणी
और गर कभी हलकी चली
तो रुक के धक्के दो लगा