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गोली नाल बन्दुक देखी
शुरू ते ये भूख देखी
देखी मैंने 300 की दिहाड़ी करके
चूल्हा बिना लिप्या देखा
खाली मन्ने पीपा
बापू रौंदा देख्या
डूबी होई बाड़ी करके
अन्न बिना थाली देखी
बिकी माँ की बाली देखी
बाहण जाती देखी
खाली हाथ घर ते
गाउ का कच्चा धारा देख्या
बणा टोटा प्यारा देख्या
उतर्या नी पूरा 14 साल सर ते
फद्दू बनी नीति देखी
चालू राजनीती देखी
फायदा ठाणे आले अधिकारी नी बने
शुरू ते ये लिख्या मैंने
गीतां में हालात
गाने फ्री में भी दिए
दरबारी नी बने
अपनी ऐ म्हणतां से आप उठे सा
दादा लइ म्हारे सोना चांदी कोनी रे
सुपन्या ते मजे से लड़ाई रोज़ की
नींद ढाई ढाई बजे तक आंदि कोनी रे
सुबह उठ रेस मारु
साँझ ने कब्बडी
सु मैं दिल का अमीर
कोन्या नोटां आली गद्दी
थोड़ी सी रे बूंदा के मैं
मानु चाहवे घर मेरा
पर मेरी सोच आसमान ते वि बड़ी
सीरियस बात को मज़ाका में नी टाली
बाकी यारियां में फन जमा डेली होवे है
मोड़ा पे नी खड़े कदे बुरा ना तक्या
पर बैरा ना क्यूँ बैरियां पे कैली होवे है
वोहे टाइम मेरा था जब स्कूल जाण का
जब माँ मन्ने रेगा के रजाया करती
भीतर में दुखा के पहाड़ टूटे थे
पर ऊपर से खुशियां जताया करती
हो मानु हु के बन्दे घणे किल्ले आंदे नी
पर लोका की तरह रे हम हक़ खांदे नी
अरे दुनियां में आये थे गरीब बनके
मेरा यो भी पक्का वादा है गरीब जांदे नी
करके पढाई करी नौकरी ट्राय
रे जो ऐसीआ में बैठे
रे वो नोट मांगे है
पिसे है तो बैठो
ना तो अभी बहार जाओ
रे वो बड़े बड़े नेता की
सपोर्ट मांगे है
उठया टैलेंट गरीबी ते
चुराया कोनी था
अरे टूटी हुई खाटा निचे
पाया कोनी था
भीड़ के मैं कर ग्या बेज्जती फ्लैग आला
घोज के में बस का किराया कोनी था
हो बोहत घणे भाई रे
विदेशी बन गए
गए छोड़ के ने घर
जिम्मेदारी उठान ने
करके ने काम रोज़ रो के सोवे से
आवे घरक्यां की याद मने करे आन ने
हो हथेलियां पे राख्या जो से जान रख के
साँस चले से रे जिनकी भरोसे लग के
उन फौजी भाइयाँ ने ते दिल ते सलूट करूँ
बॉर्डरां ते जावें जो संदूक चक के
आश्कि के चकरां में होया नी मगन कदे
हार्या कई बार पर छोड़ी ना लगन कदे
पैरां निचे कुचले रूकावटां के सर मन्ने
डर के सपोलियाँ ते छोड़े कोणी बन कदे
कदे स्प्लेंडर ते होई शुरुआत
इब आगे स्प्लेंडर ते गड्डियां के मैं
केपी बिंटू पक्के शिव शम्भू के भगत
ध्यान लावे ऋषिकेश आली वादियां के मैं
नाड नीची होवे कदे ऐसा काम ना करू मैं
महफ़िलां में बैठ के ना कदे जाम भरु मैं
बैठ के बुजुर्गा में सीखे संस्कार
मेरे पबड़े कीनाले ने सलाम करू मैं
सारे हरयाणे ने सलाम करूँ मैं