Elige una pista para reproducir

Sencillo / Pista
चाँद की आँखें भारी सी हैं
रात अँधेरी हारी सी है
चाँद की आँखें भारी सी हैं
रात अँधेरी हारी सी है
मान भी जा ठहर जरा
सबेरा कोई दूर है क्या
बस
अब रात गुजरने वाली है
अब रात गुजरने वाली है
अब रात गुजरने वाली है
बस रात गुजरने वाली है
दर्द दर्द अँधेरा
ज़ख्म सी चांदनी धुल जाएगी
धुप में सर्द हाथों का घेरा
शहर की बेरुखी खो जायेगी
गूंज में परिंदो की अज़ाने
गुनगुनाती राह भी
कहती हे आँखें चूम के
बस
अब रात गुजरने वाली है
अब रात गुजरने वाली है
अब रात गुजरने वाली है
बस रात गुजरने वाली है