सीने से सांसें ना निकले
पहुंचा दे धुआं ताकि निकले वो बाहर
धुएं से सब कर देते धुंधला
है डर, ना वो पढ़ ले ये चेहरे का हाल
ना लगती अब भूख, पर खा लेते खाना
बहाना है पीने का खाने के बाद
हम मरते हर वक्त
बस पीने के वक्त हम थोड़ा सा जी लेते साहब
वो कहते, “मोहब्बत वही जिसमें आशिक बिछड़ जाते
रहते ना साथ”
और मेरी मोहब्बत का हाल कि
होठों से छूटे ही हो जाती राख
माचिस की तीली को छू लूं तो
जल जाती, हो जाती मुझसे नाराज
फिर चूम के समझाता, मर जाता कब का
पर तेरी तलब तो बचा ली है सांस
अब मुझको बस तेरा है साथ
बेवफा तू भी ना बन जाना यार
माना कि जब भी हम
मिलते, मैं छूता हूं तुझको
पर पाकीज़ा है मेरा प्यार
हां, तुझसे ही मिलता सुकून
वरना खत्म होती कैसे ये रात?
कैसे भूलता मैं लैला को
जब तक बुलाती ना तेरे, तू मुझको यूं पास
अब मेरे कमीजों से तेरे बदन की
ये खुशबू ना घर को पसंद
पर कैसे बताऊं कि उंगली को तू ना पकड़ती
तो चल पाते हरगिज़ ना हम
हां, कैसे निकलते हम खुद के ख्यालों से
फंस जाते, मर जाते हम
जो तू ना चमकती अंधेरों में जल के
तो खुद के ही सायों से डर जाते हम
तो होना नहीं मुझसे यूं दूर
तेरे लिए तोड़ी हैं सारी हैं कसमें
मारा है लैला ने
पर ले लेता सांस जब लेता हूं कश मैं
लैला थी बस खाली दिल में
तू मेरे खून में, तू मेरी नस में
कहते हैं मरने के बाद भी जिंदगी
होना दफन साथ मेरी कबर में
धुएं के बना के बादल
सो रहे लपेटे बादलों की चादर
जला रहे खुद को, हो चुके हैं पागल
अब जिंदगी है सिगरेट
धुएं के बना के बादल
सो रहे लपेटे बादलों की चादर
जला रहे खुद को, हो चुके हैं पागल
अब जिंदगी है सिगरेट
पढ़ता है चुप-चुप के मिलना
“ये रिश्ते नाजायज हैं” कहते हैं लोग
कहते कि मजनूं को पत्थर पड़े हैं अकल पे
खरीदे ये पैसों से मौत
पर कैसे खरीदे मोहब्बत को कोई?
पैसे नहीं यहां नजराना दोस्त
तो लैला के जाते ही मर गया मजनूं
मैं जल रहा, मुझको तू परवाना बोल
और धुआं ये सांसों की माला है
संभालूं कि हाथों से छूटे ना
मैं पल में बिखर जाऊंगा
तो डर है कि माला ये गलती से टूटे ना
जो टूटेगी माला अगर
तो मरने के बाद खुदा मुझसे पूछेगा
“बंदे बता, तेरी क्या है रजा?”
मैं हंस के कहूंगा, “ये बंदा बस फूंकेगा”
ना जन्नती चाहता लिबास
ना हूरें, ना पीना मैं चाहता शराब
है नफरत शराब से
बहकाती, मुझको ले जाती है लैला की गलियों के पास
तो खाली है धुआं
ये ऐसा है, रखता दबा के जो सीने में राज
वरना ये कमबख्त पैमाना ऐसा
कि झूठा बना दे ये पीने के बाद
और छोड़ दो मेरे तुम हाल पे
कोई ना आके भी मुझको सलाह दो
जो इतनी है मेरी फिक्र
तो आ के खाली मेरा सिगरेट जला दो
वो बहुत है मेरे लिए
ये जिंदगी मौत है मेरे लिए
ना मौत का डर
बस जो बची सांसें, वो
सांसें भी जोड़ ली तेरे लिए
तो होना नहीं मुझसे यूं दूर
तेरे लिए तोड़ी हैं सारी हैं कसमें
मारा है लैला ने
पर ले लेता सांस जब लेता हूं कश मैं
लैला थी बस खाली दिल में
तू मेरे खून में, तू मेरी नस में
कहते हैं मरने के बाद भी जिंदगी
होना दफन साथ मेरी कबर में
धुएं के बना के बादल
सो रहे लपेटे बादलों की चादर
जला रहे खुद को, हो चुके हैं पागल
अब जिंदगी है सिगरेट
धुएं के बना के बादल
सो रहे लपेटे बादलों की चादर
जला रहे खुद को, हो चुके हैं पागल
अब जिंदगी है सिगरेट