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तेरे चक्करा में आंड़ू होके बोली मैं
तेरे पाछे खाऊ नींदां आणी गोली मैं
रे तू जाण के बने से अनजाण क्यूँ
दुःख गैर ग्या रे सारे मेरी झोणी में
तेरे चक्करा में आंड़ू होके बोली मैं
तेरे पाछे खाऊ नींदां आणी गोली मैं
रे तू जाण के बने से अनजाण क्यूँ
दुःख गैर ग्या रे सारे मेरी झोणी में
मान्या दिल महल तेरा पर इसमें अँधेरा
मेरा जी कोन्या लागे बैरी साथ मांगू तेरा
मुलाकात थी वे झूठी
सारी बात थी वे झूठी
वादे करके तू पुगादे
इसा दिल कोन्या लेरया
ज़िंदगी के पन्ने बड़े रे हसीन थे
तन्ने मारी चोट ज़िंदगी या रोली रे
तेरे चक्करा में आंड़ू होके बोली मैं
तेरे पाछे खाऊ नींदां आणी गोली मैं
रे तू जाण के बने से अनजाण क्यूँ
दुःख गैर ग्या रे सारे मेरी झोणी में
करके भरोसा मन्ने पकड़या जो हाथ
उसे हाथ ने ये घेट्टी मेरी बोच गेरी रे
ओरा जैसा कोन्या मैं तू कह्या करे था
झूठे तन्ने मेरी आत्मा ऐ नोच गेरी रे
बेवफाई का ये मंज़र टपके पानी का समंदर
करग्या तैर के तू पार पर ना झाक्या मेरे अंदर
खेले जिस्म ते मेरे चाले आत्मा पे छुरे
होगी प्यार ते ऐ नफरत झूठे लागे सात फेरे
तू था चाँद मेरा मैं थी तेरी चांदनी
होगी चांदनी की रात भी अँधेरी रे
तेरे चक्करा में आंड़ू होके बोली मैं
तेरे पाछे खाऊ नींदां आणी गोली मैं
रे तू जाण के बने से अनजाण क्यूँ
दुःख गैर ग्या रे सारे मेरी झोणी में
चीख पुकार मेरी सुनदा ना कोई आड़े
बुज़दिल बना दी तेरे प्यार ने
ज़िंदगी में आना तेरा गलती थी मेरी
मैं ते कैद होगी जाणु देह व्यापर मैं
बेपरवाह तू हरजाई तन्ने शर्म ना आयी
जाके शहर की तवायफ गेल्या रात जा बिताई
बड़ा बना फिरे शायर किसने शायरी सिखाई
सबकी गेल्या करे प्यार फितरत में ये बेवफाई
मेरे प्यार का बना के ने मखौल क्यूँ
काका भरे तू ओरे किसे की कोली रे
तेरे चक्करा में आंड़ू होके बोली मैं
तेरे पाछे खाऊ नींदां आणी गोली मैं
रे तू जाण के बने से अनजाण क्यूँ
दुःख गैर ग्या रे सारे मेरी झोणी में