तो सज्जनों बात इस वक्त की
जब वो आज के जमाने की हीर
रांझे के पैसे खाके भाग जाती है
और राँझा खेत में बैठ के दारू पीता है
और रोता हुआ बिलखता हुआ अकेला
क्या कहता है हीर को जरा सुनते रहिये एक बार
हाँ भई
रै कीड़े पड़कै मरेगा जो तेरा खास होवैगा
तू केली केली सड़ेगी ना कोए पास होवैगा
तू गंजी होवैगी तेरा टकरा साफ होवैगा
मनै लूट कै खागी भाई रोई तेरा नाश होवैगा
मनै लूट कै खागी भाई रोई तेरा नाश होवैगा
रै तेरा नाश होवैगा
रै तेरा नाश होवैगा
रै बाबु शोना बाबु शोना कहकै लूट लेवै सारी
छोरी घणी ऐ चालू होवै सै रै ये दिल्ली आली
रै बाबु शोना बाबु शोना कहकै लूट लेवै सारी
छोरी घणी ऐ चालू होवै सै रै ये दिल्ली आली
रै तड़के ऐ पहुंची पानीपत बस स्टैंड पै
भाजते इ बड़गी या बड़े बड़े ब्रांड पै
पेमेंट की मैडम नै टेंशन ही कोन्या
सोचै पिसे तो होंगे ही इस बोली
कती सी मान कै नै मनै छोड़गी जे कल्ला
घर आगै जाकै भी लेउंगा पल्ला
स्कूटी पै बैठ बड़ी हांडे बाजार मै
सर फोडून्गा तेरा मार कै नै टोला
तू सिगरेट भी पीवै तेरे घर पै बताऊंगा
दारू आली फोटो तेरे घर पै दिखाऊंगा
कोचिंग की फीस सारी मनै भरी थी
काल RB तै कहकै तेरा नाम कटवाउंगा
भाई सतपाल जी अपनी नेक कमाई से
पार्टी का 100 रूपये से मान सम्मान करते है
हम उनका तहदिल से मान सम्मान करते है
और भारत के प्रति RB Gujjar जी
अगली कड़ी में क्या बताते है भला
साउंड की आवाज़ बढादे थोड़ी सी
थोड़ी सी बढ़ादे हांजी
कसुती ऐ लिकड़ी सांपा की मौसी
खा पी कै तू दिखागी रै ठोसी
छोड़गी मनै नगड़ करकै
इब तनै मै लाग्या रै घोसी
छोड़गी मनै नगड़ करकै
इब तनै मै लाग्या रै घोसी
टूटेगी तेरी जुत्ती तनै पाड़े काली कुत्ती
टूटेगी तेरी जुत्ती तनै पाड़े काली कुत्ती
तू सूख कै डीकर होगी ना कहीं मांस होवैगा
तू सूख कै डीकर होगी ना कहीं मांस होवैगा
मनै लूट कै खागी भाई रोई तेरा नाश होवैगा
मनै लूट कै खागी भाई रोई तेरा नाश होवैगा
रै तेरा नाश होवैगा
रै तेरा नाश होवैगा