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Sencillo / Pista
क्या यह कहे क्या यह करे
करता है सोचे ना समझे बिना
यह दिल अकल का है मारा
हो ओ जाने जहाँ इससे माना
ये ढीठ ना माने जाए वहाँ
देखो जिसे दिल का मारा
ना लबों से बोले ना यह राज़ खोले
कोई हिंट ही नही दे क्या करे
करता है अपनी ही मनमानी
है पता नादानी
फिर भी जान बूझ के ग़लती करे
जज़्बाती है दिल
जज़्बाती है दिल
जज़्बाती है दिल
जज़्बाती है दिल
जज़्बाती है दिल
हा सौ दफ़ा यह टूटेगा
जानता है डूबेगा
इश्क़ के दरिया में यह
फिर भी जाके कूदेगा
कागज़ी फसाने बेसुरे तराने
गाए धुन हो याद चाहे ना इसे
बिगड़ी औलादों सा मिजाज़ी
कोई हो ना राज़ी
यह तो बातें पूरी करके ही रहे
जज़्बाती है दिल
जज़्बाती है दिल
जज़्बाती है दिल जज़्बाती है दिल जज़्बाती है दिल जज़्बाती है दिल