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तुम पे ही मरता है ये दिल, तुम पे ही कुर्बान है
तुम पे ही मरता है ये दिल, तुम पे ही कुर्बान है
क्या करें दिल का, सनम...
क्या करें दिल का, सनम, ये दिल तो बड़ा नादान है
तुम पे ही मरता है ये दिल (तुम पे ही, हाँ)
तुम पे ही कुर्बान है (तुम पे ही, हाँ)
तुम पे ही मरता है ये दिल (तुम पे ही, हाँ)
तुम पे ही कुर्बान है (तुम पे ही, हाँ)
क्या करें दिल का, सनम...
क्या करें दिल का, सनम, ये दिल तो बड़ा नादान है
तुम पे ही मरता है ये दिल...
आज कैसा है नशा जिसका असर है?
रात बहकी थी, दीवानी ये सहर है
आज कैसा है नशा जिसका असर है?
रात बहकी थी, दीवानी ये सहर है
ऐसा किस जुनूँ का, हाँ, जादू चल गया?
देखो, सर झुका के वो सूरज ढल गया
अब तो हद से गुज़रने को दिल बेक़रार है
तुम पे ही मरता है ये दिल (तुम पे ही, हाँ)
तुम पे ही कुर्बान है (तुम पे ही, हाँ)
तुम पे ही मरता है ये दिल (तुम पे ही, हाँ)
तुम पे ही कुर्बान है (तुम पे ही, हाँ)
क्या करें दिल का, सनम...
क्या करें दिल का, सनम, ये दिल तो बड़ा नादान है
तुम पे ही मरता है ये दिल, तुम पे ही कुर्बान है
बात फूलों में चली तेरे बदन की
तेरी साँसों में बसी ख़ुशबू सुमन की
बात फूलों में चली तेरे बदन की
तेरी साँसों में बसी ख़ुशबू सुमन की
जब से मिल गए हो महकी सी फ़िज़ा है
फूलों की बारिश का ये मौसम नया है
इसी मौसम के सारे लम्हों को जीना है
तुम पे ही मरता है ये दिल (तुम पे ही, हाँ)
तुम पे ही कुर्बान है (तुम पे ही, हाँ)
तुम पे ही मरता है ये दिल (तुम पे ही, हाँ)
तुम पे ही कुर्बान है (तुम पे ही, हाँ)
क्या करें दिल का, सनम...
क्या करें दिल का, सनम, ये दिल तो बड़ा नादान है
तुम पे ही मरता है ये दिल, तुम पे ही कुर्बान है
(तुम पे ही, हाँ)
(तुम पे ही, हाँ)
(तुम पे ही, हाँ)
(तुम पे ही, हाँ)