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हो जब हमको मिला मैदान तो
बन जाएँगे तूफान वो
जो कतराए बढ़ता जाए
बढ़ के हर बंदिश को तोड़ दे
रोके से नही रुकना है
धोखे से नही झुकना है
अब लेंगे हम बस वही कदम
अरे जो रस्ता मंज़िल को जोड़ दे
आँखों में जागता एक खवाब है
कुछ कर दिखाने के लिए
हम तो जाये जहां, बन जाए दास्तां
सारे ज़माने के लिए
चल यार तू सबको पीछे छोड़ दे
खेल-खेल में, ताल मेल में
लपक झपक के निकलेंगे हम
कभी इधर से, कभी उधर से
पटक-पटक के निकलेंगे
खेल-खेल में, ताल मेल में
लपक झपक के निकलेंगे हम
कभी इधर से, कभी उधर से
पटक-पटक के निकलेंगे
हो, आसानियों से कुछ नही मिलता
कठिनाइयों के पल भी आएँगे
हिम्मत अगर ना हमने हारी तो जीत जायेंगे
हम जो चलेंगे होसला लेके
लाखों करोड़ो की दुआ लेके
बादल का साया बन के मैदान पे हम छाएँगे
किस्मत की कलाई यार मोड़ दे
जब हमको मिला मैदान तो
बन जाएँगे तूफान वो
जो कतराए बढ़ता जाए
बढ़ के हर बंदिश को तोड़ दे
रोके से नही रुकना है
धोखे से नही झुकना है
अब लेंगे हम बस वही कदम
अरे जो रस्ता मंज़िल को जोड़ दे
खेल-खेल में, ताल मेल में
लपक झपक के निकलेंगे हम
कभी इधर से, कभी उधर से
पटक-पटक के निकलेंगे
खेल-खेल में, ताल मेल में
लपक झपक के निकलेंगे हम
कभी इधर से, कभी उधर से
पटक-पटक के निकलेंगे