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कहीं आग लगने से पहले
उठता है ऐसा धुआँ
जैसा है इधर का नज़ारा
ओ, वैसा है उधर का समाँ
दिल में कैसी कसक सी जगी
दोनों जानिब बराबर लगे
देखो तो इधर से...
देखो तो इधर से उधर चुपके-चुपके
हो, दो दिल मिल रहे हैं, मगर चुपके-चुपके
सबको हो रही है...
हाँ, सबको हो रही है ख़बर चुपके-चुपके
हो, दो दिल मिल रहे हैं, मगर चुपके-चुपके
साँसों में बड़ी बेक़रारी
आँखों में कहीं रत जगे
कभी कहीं लग जाए दिल तो
कहीं फिर दिल ना लगे
अपना दिल मैं ज़रा थाम लूँ
जादू का मैं इसे नाम दूँ
जादू कर रहा है...
जादू कर रहा है असर चुपके-चुपके
हो, दो दिल मिल रहे हैं, मगर चुपके-चुपके
सबको हो रही है...
हाँ, सबको हो रही है ख़बर चुपके-चुपके
हो, दो दिल मिल रहे हैं, मगर चुपके-चुपके