Elige una pista para reproducir
कैसा सफर यह
हमारा तुम्हारा
करे सितम यह
नज़ारा तुम्हारा
ख्वाब जो सारे थे
मेरे तुम्हारे थे
ख़ाक मैं जाके भी
पूरे हुवे सारे
हार के भी
हम नहीं हारे
गीत हमारे हैं
हवा मैं जो सारे
कैसा सफर यह
हमारा तुम्हारा
ख्वाब जो सारे थे
मेरे तुम्हारे थे
ख़ाक मैं जाके भी
पूरे हुवे सारे
हम खो गए
थे वीराने में
क़दमों में कांटे बिछे
कोई आरज़ू ना पूरी हुई
फिर भी तुम्हारे ही थे
वोही आरज़ूओं के
ऊँचे मकानों के
वह बंद दरवाज़े
तोड़ दिए सारे
हार के भी
हम नहीं हारे
गीत तुम्हारे हैं
हवा मैं जो सारे