जाने कब कैसे मुझे
तुमसे प्यार ये हो गया
तू ही तो दिखे हर जगह
कुछ ना है बाकी तेरे सिवा
तू मेरा ही था, मेरा हुआ
तू मेरा ही था, मेरा हुआ
तू मेरा ही था, मेरा हुआ
तू मेरा हुआ, हाँ
सुध-बुध खो के चाहूँ तुझे
मुझे होश कहाँ अपना
ओ, तुझसे मिल के मंज़िल मिल गई
रब का है शुक्रिया
तेरे पास होने से लगता सब कुछ नया-नया
मेरे दिल में ऐसे तू समाँ गया
तू मेरा ही था, मेरा हुआ
तू मेरा ही था, मेरा हुआ
तू मेरा ही था, मेरा हुआ
तू मेरा हुआ, हाँ
चोरी-चोरी से देखने में तुझे
आता है बड़ा ही मज़ा
ओ, तू अगर कभी रूठ जाता है
तो लगती है वो सज़ा
बिन सोचे अब सब कुछ मैंने तेरे नाम किया
चले तेरे संग अब मेरी दुनिया
तू मेरा ही था, मेरा हुआ
तू मेरा ही था, मेरा हुआ
तू मेरा ही था, मेरा हुआ
तू मेरा हुआ, हाँ
तू मेरा ही था, मेरा हुआ
तू मेरा ही था, मेरा हुआ
तू मेरा ही था, मेरा हुआ
तू मेरा हुआ, हाँ