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तक़दीर की गर्दिश क्या कम थी
तक़दीर की गर्दिश क्या कम थी
उस पर ये कयामत कर बैठे
बेेताबी-ए-दिल जब हद से बढ़ी
बेेताबी-ए-दिल जब हद से बढ़ी
घबड़ाके मोहब्बत कर बैठे
तक़दीर की गर्दिश क्या कम थी
आँखों में छलकते हैं आँसू
दिल चुपके चुपके रोता है
आँखों में छलकते हैं आँसू
दिल चुपके चुपके रोता है
दिल चुपके चुपके रोता है
वो बात हमारे बस की न थी
वो बात हमारे बस की न थी
जिस बात की हिम्मत कर बैठे
तक़दीर की गर्दिश क्या कम थी
ग़म हमने खुशी से मोल लिया
उस पर भी हुई ये नादानी
ग़म हमने खुशी से मोल लिया
उस पर भी हुई ये नादानी
उस पर भी हुई ये नादानी
जब दिल की उम्मीदें टूट गई
जब दिल की उम्मीदें टूट गई
किस्मत से शिकायत कर बैठे
तक़दीर की गर्दिश क्या कम थी
तक़दीर की गर्दिश क्या कम थी
उस पर ये कयामत कर बैठे