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आँँखो में हया के कई पहरे बिठावे हैं
कहने को मिलने अकेले वो आये हैं
आँँखो में हया के कई पहरे बिठाये हैं
कहने को मिलने अकेले वो आये हैं
दूरियाँ ने मजबूरियाँ तेरियाने
दूरियाँ ने मजबूरियाँ तेरियाने
बन गए हैं भोले भाले, खुद पे लगा के प्याले
और प्यासे प्यासे हैं हम सामने लबो के प्याले
बन गए हैं भोले भाले, खुद ऐ लगा के प्याले
और प्यासे प्यासे हैं हम सामने लबो के प्याले
चेहरे पे गिरती उनकी जुल्फों के साए हैं
दूरियाँ ने मजबूरियाँ तेरियाने
दूरियाँ ने मजबूरियाँ तेरियाने
धा तीन धा धिना धिना धिना धिधिना
धा तीन धा धिना धिना धिना धिधिना
धा तीन धा धिना धिना धिना धिधिना
सुरमई आँचल तेरा फैला हैं या रात हैं
चाँद जैसे चेहरे की मौला क्या बात हैं
सुरमई आँचल तेरा फैला हैं या रात हैं
चाँद जैसे चेहरे की मौला क्या बात हैं
सुर्ख लबो में रस सारे समाये हैं
दूरियाँ ने मजबूरियाँ तेरियाने
दूरियाँ ने मजबूरियाँ तेरियाने