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जब भी चुम लेता हूँ, इन हसीन आँखों को
सौ चराग अंधेरे में, झिलमिलाने लगते हैं
जब भी चुम लेता हूँ, इन हसीन आँखों को
सौ चराग अंधेरे में, झिलमिलाने लगते हैं
फूल क्या, शगुफे क्या
चाँद क्या, सितारे क्या
सब रकीब कदमों पर, सिर झुकाने लगते हैं
फूल क्या, शगुफे क्या
चाँद क्या, सितारे क्या
सब रकीब कदमों पर, सिर झुकाने लगते हैं
हां रक्स करने लगती है, मुरते अजंता की
पायलें झनकती हैं, ग़ार गाने लगते हैं
रक्स करने लगती है, मुरते अजंता की
पायलें झनकती हैं, ग़ार गाने लगते हैं
सौ चराग अंधेरे में, झिलमिलाने लगते हैं
फूल खिलने लगते हैं, उजड़े उजड़े चमन में
प्यासी प्यासी धरती पर अबर छाने लगते हैं
फूल खिलने लगते हैं, उजड़े उजड़े चमन में
प्यासी प्यासी धरती पर अबर छाने लगते हैं
हां हां लम्हे भर को ये दुनिया
ज़ुल्म छोड़ देती है
लम्हे भर को सब पत्थर
मुस्कुराने लगते हैं
लम्हे भर को ये दुनिया
ज़ुल्म छोड़ देती है
लम्हे भर को सब पत्थर
मुस्कुराने लगते हैं
सौ चराग अंधेरे में, झिलमिलाने लगते हैं
जब भी चुम लेता हूँ, इन हसीन आँखों को
सौ चराग अंधेरे में, झिलमिलाने लगते हैं
हो हो हो आहा आहा आहा हु हु हु