जान मेरी गई सिर्फ तेरे हाथ से
लगा खून मेरा तेरे जज़्बात पे
जब ग़म ही नहीं फिर बातें
क्यूँ जान-ए-जा मेरी याद में
तूने झूठे लिए इतने सहारे
मन फुसला के जो थे बेचारे
तेरे नखरे फिर क्यूँ उठा रहे वो
मेरे बाद में
काम छोड़ा धाम छोड़ा
तेरे जीने के लिए मैंने पूरा आसमान छोड़ा
देख तूने कहा छोड़ा
दिल मजबूर दस्तूर बने वहाँ धोखा
कोई भी ना लगा तेरा अब सगा
जान लेके बैठी चुपचाप से
पल जब लगा तूने दी है दगा
कह दिया मजबूर हालात ये
जाना तेरे होके ना हो हम क्या करें
अब जी लगता नहीं है मेरा पर क्या करें
सब दिया मैंने है तुमको लेकिन एहसास है ये
ये दिल नहीं हो सकता तेरा
नहीं हो सकता तेरा
नहीं हो सकता तेरा
नहीं हो सकता तेरा
नहीं हो सकता तेरा हो ये बरसात की रातें
याद मुझे क्यूँ दिलाते
वक़्त हमारा जो गुज़ारा
पल आँखों में क्यूँ भर आते
एक नहीं है ये लम्हा
जो बीते हैं फिर ना आते
ये बेल है ज़हरीली ऐसी
इन्हें काटो तो फिर उग जाते
तुम जाना समझोगी ना प्यार जब
होगा तब बताना
तुम भी तड़पोगी ये पल
और लगेगा ज़माना
याद मेरी आए जब
फिर मुझे ना भुलाना
जाना तेरे होके ना हो हम क्या करें
अब जी लगता नहीं है मेरा पर क्या करें
सब दिया मैंने है तुमको लेकिन एहसास है ये
ये दिल नहीं हो सकता तेरा
नहीं हो सकता तेरा
नहीं हो सकता तेरा
नहीं हो सकता तेरा
नहीं हो सकता तेरा