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कौन है तू
मुझको बता
कौन है तू
तू नहीं खुदा
क्यों मुझसे दूर
क्या तू खफा
कौन है तू
मुझको बता
Yeah
मैं दुनिया से नाराज़ भाई
रखे राज़ नहीं कोई आज मैं फुरबाश भाई
दिल में रखे बैट नहीं
ये लफ्ज़ शायद आज पास्ट नहीं, हाथो हाथ गाने लिखू रहते मुझे याद नहीं
उर्दू रैप नज़र बंद मुझ पे आज भी
मेरे लिए क्यूँ तू आज भी रातें जागती, तू ही राज़ जाना
तू ही मेरी अजीज़ी, करने आया बात चीत, कहानी भारी डार्क थी
फिर भी शाइन करे भाई जैसे डायमंड
तू रिहाना जैसे देती मुझे टाइम कम, कायम हम
क्यों लगाएं जा के टाइम बम
लफ्ज़ तोड़ देता कैसे परेंगे फिर राइम्स कम
मेरे आगे क्यों लिखारियों के माइंड बंद
मेरे आगे सारे लेबलों की ग्राइंड कम
जिस भी गाने पे आजाता वो रिवाइंड पर
आज भी कहता हूँ मैंने म्यूज़िक को दिया टाइम कम
कंधे पे भोज, अकेला बैठा मैं था सोच रहा
गाने लिखू रोज के या जोरूं जा के नोट चार
पहले बेटा सेविंग पे चल रहे हम बेरोजगार, छोड़ा अपना घर
अपना शहर, अपने दोस्त यार, स्कूल मारा बंक
जोक्हे मिलने आता रोड पार, ढाबे वाले तंग
खाकर भागे भी थे बहुत बार
तमाशे की उम्मीद से न आना मेरी मौत पर, रोज़ी रोटी देने वाला रब
क्यों ले कोई शॉर्टकट
दुनिया से सीखता रह छोरा अपने शौक नहीं, करना था हिप हॉप
पर यहाँ चले सिर्फ पॉप भाई
खुद बेचोगे पासेस तब जा के मिलता था स्लॉट भाई
मेहनत के बलबूते आज यहाँ पे खड़ा
चौंक नहीं, लिए थे जो शॉट्स वो चांद बड़ा हिप हॉप
रियल टॉक, मेरे बारे ज़्यादा भोंक नहीं, ऑन द रॉक्स
ट्रेंडिंग चार्ट्स के अब टॉप पे हम गाने डालें बिना प्रमोशन के यही
अब नौकरी, कामयाबी फ्लेक्स करू राइम्स की ये टोकरि
गाने सुन के बावली, संभाल अपनी छोकरी
हम बेवफा नहीं, बवफा हैं तभी दुनिया टोक रही
खाना बडोश में
कोई सरहद कैसे रोकती, मैं नई ज़माने से, जाना ये है ज़माना मेरा
खुदा का मेहमान, तेरे शहर भी हो आना मेरा
आर्टिस्ट तो मरते हैं यहाँ रोज़ाना
मेरी मौत की मातम में उसी रात निकलेगा
नया तराना मेरा
कौन है तू
मुझको बता
कौन है तूuuu
तू नहीं खुदा
क्यों मुझसे दूर
क्या तू खफा
कौन है तू
मुझको बता
देर रात
बेचैन
उठा बिस्तर से पहुँच स्टूडियो और करने हिसाब बैठा बने रिजला
और ले के शराब बैठा
तोते कितने आज तक ये गिनने मैं ख्वाब
बैठा फर्क पड़े क्या बची हुई हसरत से सोचता मैं कसरत से
ढूँढ़ने जवाब बैठा सवालों के हल मिले मुझे शायरी में
लफ्ज़ इतने लिखे जैसे लिखने किताब बैठा
क्या मैं असली हूँ!
क्या मैं जाली हूँ
क्या मैं इल्म का ख़ज़ाना या खाली हूँ
क्या मैं फैज़ हूँ या शायरी मिसाली हूँ
क्या मैं खुसरो
पट्टस या हाली हूँ
क्या मैं नशे में आँखों की लाली हूँ
मुझसे जो निकला गुस्से में गाली हूँ
क्या मैं बसता दिलों में हूँ सबके कान
तरस गए जो सुनने को वो ताली हूँ
लेकिन कभी कभी लगे जैसे
इधर सभी कटने को ढूँढ़ते जो
पर थे बड़े ही नहीं तभी अभी अभी
आंखें नीची आवाज़ दबा ऐसा लगे हूँ खुद के
हम कभी लिए लड़े ही नहीं
कैसे हार मानू!
कैसे जाऊं दुनियां में
बेशक साथ मेरे मेरे लोग खड़े ही नहीं
आज
बीज Boyega तो कल पेट भरे
पैरड कैसे फल दें जिसकी जड़ें ही
नहीं आँखें बंद सोचिये छोड़ रही आसमान और मैं ऐस मान के तू किस्मत
आवाज़ देगी मैं कैसे उठूं रोज़ लड़ूं दुनिया से
जब आदत पड़ चुकी बिस्तर पे नाश्ते की
तो हसल सिला खाक देगी
तो हसल अंधेरे में
क्या चिराग देगी
तो हसल करने से कभी थकते नहीं आज भी
तो हसल मेरी सालों साल साथ देगी
आज़मा ले जितने आते तुझे
टूटकाए
एक बार जो फेरा फिर
नहीं आता लौट के
मैं तो इधर ही रहूं!
ये जैसे जागीर मेरी गिरने से डरें ना जो
आधी बारी चोट के मुझसे बात करना सोच के!
मैं वक्त सही अच्छे बुरे रोज़ के
लाशें पड़ी देखी रोड पे
हम तो मुसाफिर बनें फिरते हैं मौत के सदा बनें!
मेरा दर्द मेरी कला बनें
मैं अगर
ज़ख्मी तो गाने मेरे दवा बनें
उड़े हवा बनें!
कौन किसका भला बनें!
जो जिसकी हसल करे उसी की तो जगह बनें
कैसे शायर मेरी शायरी
मैं शफ़ा बनें
काटने को डोरे यहाँ
कौन किसका सगा बनें
लफ्ज़ इतने आतिश
जलने की वजह बनें
मेरे मरने बाद मेरे गीत मेरा गवाह बनें
कौन है तू
मुझको बता
कौन है तू
तू नहीं खुदा
क्यों मुझसे दूर
क्या तू खफा
कौन है तू
मुझको बता