हर सांस है कोई सज़ा, पलके झपकना है ख़ता
हर सांस है कोई सज़ा, पलके झपकना है ख़ता
लगता है जैसे की मेरी अब जिस्म जान से है जुदा
तेरे बिना चैन ओ सुकून, तेरे बिना चैन ओ सुकून
एक पल कही आए कभी
मुमकिन नही
मुमकिन नही
तेरे बगैर जिंदगी मुमकिन नही
तेरे बगैर जिंदगी मुमकिन नही, मुमकिन नही