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मजलूम में ऐसे बिना पानी
में जैसे मछली हु सनम
चख ली मुझे विस्तार हु चीज असली हु समनं
राजी हु में भी तू भी
तो कब से तालाब कार है
गुजरे है कब से तू भी तो सनम
आजा कमर में ने कस ली सनम
समां दिलकश समां दिलकश
सुर्ख़ लबों पे लगा तू कश
कशमकश में हूं कश्मकश में हूं
खुद के नहीं मैं बस मैं हूं
दो जिस्मों में गुफ्त गु ऐसे चलती है
ऐसी चलती रहे हो
मैं रहूं बेजुबां तू रहे बेजुबां
खामोशी बस खामोशी हो दरमियां ओ
मैं रहूं बेजुबां तू रहे बेजुबां
खामोशी बस खामोशी आज हो दरमियां
आज की शाम का तू ले ले फायदा
इश्क कर टूट के भूल जा कायदा
आज की शाम का तू ले ले फायदा
इश्क कर टूट के भूल जा कायदा
लग रहा है कुछ अलग पहले ना हो
आज आग तंग में लगी सर्द भी है हवा
लमहों की अर्ज़ीयां आहिस्ता ये शब् कटे हो
मैं रहूं बेजुबां तू रहे बेजुबां
खामोशी बस खामोशी हो दरमियां हो
मैं रहूं बेजुबां तू रहे बेजुबां
खामोशी बस खामोशी आज हो दरमियां