Elige una pista para reproducir
भारी होये इन आँखों की
गहराइयाँ दबे होये इन
होंतों की सरगोशियाँ
यह कैसा सफ़र
भर्कटि खामोशियाँ
इसी तमन्ना में जागा हूँ
अब में बना इंसान
जो चाहूं अगर में
बनूँ रोशनी जो चाहूं तो
किस्मत लिख डालूं नयी
अब में वो हिम्मत बनूँ
तो रोको नहीं
गिरते हुओं को जो
थाम लून टोको नहीं
में ही वो शमा बनूँ
करे जो रोशनी
इसी तमन्ना में जागा हूँ
अब में बना इंसान
जो चाहूं अगर में
बनूँ रोशनी
जो चाहूं तो
किस्मत लिख डालूं नयी
इसी तमन्ना में जागा हूँ
अब में बना इंसान
जो चाहूं अगर में
बनूँ रोशनी
जो चाहूं तो
किस्मत लिख डालूं नयी