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Sencillo / Pista
रिमझिम बरसत रही अंधियारी रात रही
आए अवतार लेकर कृष्ण कन्हैया जग के रचैया
रिमझिम बरसत रही अंधियारी रात रही
कंस के अत्याचारों से मचा हाहाकार था
कंस के अत्याचारों से मचा हाहाकार था
नाप ले भगवान का वो होता गुनहगार था
होता गुनहगार था, मिलता करागार था
अपने से खुले ताले, सो रहे पहरे वाले
आए अवतार लेकर कृष्ण कन्हैया जग के रचैया
रिमझिम बरसत रही अंधियारी रात रही
घोर पानी बरसा तो पुकारा बाल बाल ने
घोर पानी बरसा तो पुकारा बाल बाल ने
उंगली पे पर्वत उठाके रोका नंदलाल ने
रोका नंदलाल ने, गोकुल के गोपाल ने
करते थे जुल्म पापी, पापों से धरती कांपी
आए अवतार लेकर कृष्ण कन्हैया जग के रचैया
रिमझिम बरसत रही अंधियारी रात रही
द्रौपदी के लाज रखे, लाज के बचैया
द्रौपदी के लाज रखे, लाज के बचैया
सारथी अर्जुन के बने बांसुरी बजैया
बांसुरी बजैया, सैंया के जगैया
जब जब मुसीबत बढ़ी, जनता पे पीर पड़ी
आए अवतार लेकर कृष्ण कन्हैया जग के रचैया
रिमझिम बरसत रही अंधियारी रात रही
आए अवतार लेकर कृष्ण कन्हैया जग के रचैया
रिमझिम बरसत रही अंधियारी रात रही