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Sencillo / Pista
तेरे-मेरे बीच में कुछ क़िस्से बाक़ी हैं
वक़्त के हिसाब में कुछ हिस्से बाक़ी हैं
तेरे-मेरे बीच में कुछ क़िस्से बाक़ी हैं
वक़्त के हिसाब में कुछ हिस्से बाक़ी हैं
छोड़ी थी जो डोरियाँ किताबों में
आँधियाँ भी सह गईं वो
फ़िर हम क्यूँ धुल गए?
धुल गए, धुल गए
दूरियों की बारिशों में धुल गए
ख़्वाबों के वो मीठे से दिन घुल गए
छोड़ी थी जो डोरियाँ किताबों में
आँधियाँ भी सह गईं वो
फ़िर हम क्यूँ धुल गए?
चाँद की वो ठंडकें महसूस तो की थी
आज क्यूँ फ़िर चाँद से कुर्बतें नहीं मिलती
यूँ तो साँसें ना रुकी, ज़िंदगी भी चल रही
सुबह की भी याद से मुस्कानें नहीं जलती
रात तो गुज़र गई
पर बातें बाक़ी हैं
इश्क़ तो है गुमशुदा
मुलाक़ातें बाक़ी हैं
छोड़ी थी जो डोरियाँ किताबों में
आँधियाँ भी सह गईं वो
फ़िर हम क्यूँ धुल गए?
धुल गए, धुल गए
दूरियों की बारिशों में धुल गए
ख़्वाबों के वो मीठे से दिन घुल गए
छोड़ी थी जो डोरियाँ किताबों में
आँधियाँ भी सह गईं वो
फ़िर हम क्यूँ धुल गए?