दिन चले, शामें ढले
अब संग तेरे जो सुकून मिले
हाँ सुकून ये बन गया हिस्सा मेरा
रात के आँगन तले
तेरी आँखों में तारे गिनें
हाँ ये तारे बन गए हिस्सा मेरा
रखूँ मैं तुझे बाहों में
हुआ मैं पागल पिया
नहीं हूँ तेरे बिना, मैं हूँ हिस्सा तेरा
रखूँ मैं तुझे बाहों में
हुआ मैं पागल पिया
नहीं हूँ तेरे बिना, मैं हूँ हिस्सा तेरा
तेरे खयालों में ऐसा उलझा
ना लौट पाया
देखूँ तुझे मैं
यूं रात-दिन, शामों-सुबह
है ये कैसी तेरी अदाएँ
चाहकर भी न अलग रह पाएँ
हाँ मैं ढूँढता तेरा पता, हुआ खुदी से जुदा
रह संग बस ये हैं दुआएँ
इक तुझको ही इस कदर चाहें
हूँ बना मैं, तेरा ही, हिस्सा
रखूँ मैं तुझे बाहों में
हुआ मैं पागल पिया
नहीं हूँ तेरे बिना, मैं हूँ हिस्सा तेरा
रखूँ मैं तुझे बाहों में
हुआ मैं पागल पिया
नहीं हूँ तेरे बिना, मैं हूँ हिस्सा तेरा
बाहों में
बाहों में