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Sencillo / Pista
ना वो अखियाँ रूहानी कहीं
ना वो चेहरा नूरानी कहीं
कहीं दिलवाली बातें भी ना
ना वो सजरी जवानी कहीं
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई
ना तो हँसना रूमानी कहीं
ना तो ख़ुशबू सुहानी कहीं
ना वो रंगीली अदाएँ देखीं
ना वो प्यारी सी नादानी कहीं
जैसी तू है वैसी रहणा
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई
बारिशों के मौसमों की भीगी हरियाली तू
सर्दियों में गालों पे जो आती है, वो लाली तू
रातों का सुकूँ...
रातों का सुकूँ भी है, सुबह की अज़ान है
चाहतों की चादरों में मैंने है सँभाली तू
कभी आग जैसी जलती है
बने बरखा का पाणी कहीं
कभी मान जाण चुपके से
यूँ ही अपनी चालाणी कहीं
जैसी तू है वैसी रहणा
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई
अपणे नसीबों में या हौसले की बातों में
सुखों और दुखों वाली सारी सौग़ातों में
संग तुझे रखणा है...
संग तुझे रखणा है, तेरे संग रहणा
मेरी दुनिया में भी, मेरे जज़्बातों में
तेरी मिलती निशानी कहीं
जो है सबको दिखानी कहीं
तू तो जाणती है मर के भी
मुझे आती है निभाणी कहीं
वो ही करना जो है कहणा
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई
जग घूमेया, थारे जैसा ना कोई