Elige una pista para reproducir
ढूंढता हूँ उसको इस शहर में
सडकों पे और सागर की हर लहर में
वह परी जिसा की बातों में
खो गया था उस रात में
वह परी खो गयी है इस शहर में
इस शहर में
लोगो की इस भीड़ में है वह बेखबर
ढूंढती है उसको मेरी हर नज़र
खो गया था इक ख़ुमार पर जो जाना के यह है प्यार
वह पारी खो चुकी थी इस शहर में
इस शहर में
इक दिन आएगा मिल जायेगी वह नज़र
जिसके लिए भटका हूँ मैं हाँ हर डगर
उसके मेरे बीच का यह फासला
उमर से छोटा हो बस यहीं है आसरा
खो गयी है वह जिस तरह
मिल भी जायेगी उस तरह
वह पारी मिल जायेगी
इस शहर में
इस शहर में
इस शहर में
इस शहर में
इस शहर में (तारा रा तात तारा रा)
इस शहर में (तारा रा तात तारा रा)
इस शहर में (तारा रा तात तारा रा)
इस शहर में (तारा रा तात तारा रा)