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अधूरी सी हमारी ये कहानियाँ
आ, संग पूरी करते हैं चल दोनों
आ, फ़िर दोहराएँ वो सुहानी याद मिलके ज़रा
हैं तेरे-मेरे बीच जो भी ख़ामियाँ (ख़ामियाँ)
भुला के जिएँ, अब चाहे कुछ भी हो
ख़्वाबों का है बनाया मैंने आशियाँ, उसमें तू आ
रहा ना जाता दूर अब, बुला रही हैं राहें सब
जहाँ थी, देख, माँगी जो दुआ
तू वो बन गया आसमाँ मेरा
जिसमें हैं बसते मेरे प्यार के सारे बादल
आ, बता देना, मिलूँ कहाँ मैं तुझे कभी यूँ आकर
आसमाँ मेरा
जिसमें हैं बसते मेरे प्यार के सारे बादल
आ, बता देना, मिलूँ कहाँ मैं तुझे कभी यूँ आकर
साज़िशें भी हुईं तारों की उस घड़ी
लिख रही थी नई दास्ताँ
टूट के वो सभी चाहते थे यही
बोल दूँ मैं कोई राज़, हाँ (राज़, हाँ)
रहा ना जाता दूर अब, बुला रही हैं राहें सब
जहाँ थी, देख, माँगी जो दुआ
तू वो बन गया आसमाँ मेरा
जिसमें हैं बसते मेरे प्यार के सारे बादल
आ, बता देना, मिलूँ कहाँ मैं तुझे कभी यूँ आकर
आसमाँ मेरा
जिसमें हैं बसते मेरे प्यार के सारे बादल
आ, बता देना, मिलूँ कहाँ मैं तुझे कभी यूँ आकर
आसमाँ मेरा