आधी जल गई और आधी बची है
जिस cigarette से इस कमरे में रौशनी है
हमे दो और एक और बदन के इस बदन पर (आये हाय)
ज़ख्म ज़्यादा है और मास की कमी है (आये हाय शेर है भाई शेर है)
ज़ख्म ज़्यादा है और मास की कमी है
जिस शेर ने बताया है अपना गम मुझे (आ हा)
उसी शेर को सुनकर देर तक हसी है (आये हाय ज़िंदाबाद है भाई ज़िंदाबाद है )
उसी शेर को सुनकर देर तक हसी है
जबसे पता लगा के अब वो खुश नहीं (हम्म)
जबसे पता लगा के अब वो खुश नहीं
तबसे ना जाने मुझे किस बात की ख़ुशी है (आये हाय)
बहोत अच्छा शेर भाई बहोत बढ़िया
तबसे ना जाने मुझे किस बात की ख़ुशी है
नाकामी बेचैनी ज़िम्मेदारी सब तो है (आ हा)
नाकामी बेचैनी ज़िम्मेदारी सब तो है
बता मेरे पास किस चीज़ की कमी है (आये हाय बहोत बढ़िया)
जीना तो सीखा चले जाना फिर है जाना जहाँ