Elige una pista para reproducir
है मौन में डूबी दुनिया
तेरा किस्सा कौन सुनाए
जो कहे, तुझे ना जाने
जो जाने, केह ना पाए
ख्वाबोका का मुसाफिर, नमाज़ी ना काफ़िर
साईयाँ ये बता दे कहाँ हू मैं आख़िर
ये कैसी है तेरी आँख-मिचोली
मुझे घर ले जा हमजोली
दिल दरबदर
मेरा दिल दरबदर
दिल दरबदर
मेरा दिल दरबदर
तू मेरा ही साया, मैं तेरी ही छाया
मैं तेरे बिना जाया, रगों मे बहा तू
नज़र में रहा तू, मगर ना नज़र आया
तुझ से ही चल के मैं गुज़रा
तुझपे ही आ ठहरा रे
तू मुझको, मैं तुझको, जाता क्या है मेरा
ये कैसी है तेरी आँख-मिचौली
मुझे घर ले जा हमजोली
दिल दरबदर
मेरा दिल दरबदर
दिल दरबदर
मेरा दिल दरबदर
मैं शाखों से टूटा, हवाओं से रूठा
उड़ा जा रहा हूँ कहाँ, आ जाऊं कहीं मैं
मिलूंगा वहीं मैं, मिले मुझको तू जहाँ
आ मिल जा मुझसे, मैं कबसे देखूं तेरी राहें
बीता १ अरसा, मैं तरसा अब खोल दे बाहें
ये कैसी है तेरी आँख-मिचौली
मुझे घर ले जा हमजोली
दिल दरबदर
मेरा दिल दरबदर
दिल दरबदर
मेरा दिल दरबदर
दिल दरबदर
दिल दरबदर
दरबदर
हा हा दिल दरबदर
दिल दरबदर
आ आ आ