क्यू निगाहे निगाहो को शिकवे सुनाए
मुर्दा अफ सूरड़ा लब्जो के मानी जगाए
जो है खुद से शिकायत क्यू तुझको बताए
क्यू हम यादो के रंगो से ख्वाबो को सजाए
ये कैसी बात बढ़ रही है तेरे मेरे दरमियाँ
ये कैसी बात जल रही है तेरे मेरे दरमियाँ
क्यू सुबह खिल रही है तेरे मेरे दरमियाँ
क्यू शाम ढल रही है तेरे मेरे दरमियाँ
क्यू निगाहे निगाहो को शिकवे सुनाए
मुर्दा अफ सूरड़ा लब्जो के मानी जगाए
बात सहमी सहमी तेरी ओर थी चली फिसल गयी क्यू
मैने बर्फ सी कही शोला बन तुझे मिली बदल गयी क्यू
माइनो के बोझ से बात सीधी साधी सी कुचल गयी क्यू
बात आँधिया लिए होठो तक तो आई थी ठिठक गयी क्यू
बात कोई गीत बन हौले गुनगुनाई थी बरस गयी क्यू
बात रेशमी सी एक सेज पे बिछाई थी उलझ गयी क्यू
हे बोलो ना बोलो ना अजी बोलो ना
हमको भवर मे यू छोड़ो ना
क्या ईशा आख़िर है बोलो ना
जी बोलो ना जी बोलो ना जी बोलो ना
ये कैसी बात बढ़ रही है तेरे मेरे दरमियाँ
ये कैसी बात जल रही है तेरे मेरे दरमियाँ
क्यू सुबह खिल रही है तेरे मेरे दरमियाँ
क्यू शाम ढल रही है तेरे मेरे दरमियाँ
क्यू निगाहे निगाहो को शिकवे सुनाए
मुर्दा अफ सूरड़ा लब्जो के मानी जगाए
जो है खुद से शिकायत क्यू तुझको बताए
क्यू हम यादो के रंगो से ख्वाबो को सजाए
ये कैसी बात बढ़ रही है तेरे मेरे दरमियाँ
ये कैसी बात जल रही है तेरे मेरे दरमियाँ
क्यू सुबह खिल रही है तेरे मेरे दरमियाँ
क्यू शाम ढल रही है तेरे मेरे दरमियाँ
क्यू निगाहे निगाहो को शिकवे सुनाए
मुर्दा अफ सूरड़ा लब्जो के मानी जगाए
ये कैसी बात बढ़ रही है तेरे मेरे दरमियाँ
ये कैसी बात जल रही है तेरे मेरे दरमियाँ
क्यू सुबह खिल रही है तेरे मेरे दरमियाँ
क्यू शाम ढल रही है तेरे मेरे दरमियाँ