भगवान के घर
जब भी पहुंच जातीं हैं
नन्ही अरदासें
सबसे पहले सुनी जाती हैं
कैसे रोक पाएं
भगवान खुद को
जब यें बुलाती
हृदय में उतर जाती हैं
नन्ही अरदासें ....
#.1
नन्हों को मिलने की ना कोई मनाही
होते हैं हम रुप भगवान का ही
मन साफ होता है उस पेड़ जैसा
देता जो छांया बिना देखे राही
ऐसी दुआएं
सारे जग का भला चाहती हैं
नन्ही अरदासें
सबसे पहले सुनी जाती हैं
नन्ही अरदासें ....
#.2
कितने हैं प्यारे वो अवतार सारे
बाल रुप में जो भगवन पधारे
होकर के छोटे बडे़ बडो़ की नैय्या
मझधार से है लगाई किनारे
भक्तों से तारें
अपने आप जुड़ ही जाती हैं
नन्ही अरदासें
सबसे पहले सुनी जाती हैं
कैसे रोक पाएं
भगवान खुद को
जब यें बुलाती
हृदय में उतर जाती हैं
नन्ही अरदासें